पुत्रों को वृद्ध मां-बाप का भरण-पोषण करने के निर्देश
सागर (डेली हिंदी न्यूज़)। बुजुर्ग मां-बाप को बेसहारा छोड़ देने वाले दो पुत्रों को अनुविभागीय अधिकारी ने हर माह आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया है। एसडीएम ने गोपालगंज निवासी हरगोविंद तिवारी के आवेदन पर यह आदेश जारी किया।
श्री तिवारी ने आवेदन में कहा था कि वे 78 वर्ष और उनकी पत्नि 77 वर्ष की हैं। दोनों वृद्ध चलने फिरने में असमर्थ है और आय का कोई साधन नहीं है। उनके दोनों पुत्र सक्षम है और पुत्रों से उन्हें भरण-पोषण के लिए राशि दिलाई जाए।
एसडीएम सपना लोवंशी ने अपने आदेश में कहा है कि आवेदक एवं उसकी पत्नि वृद्ध हैं। दोनो किराए के मकान में रहते हैं। वृद्ध होने से उनकी आय का अन्य कोई साधन नहीं है। आवेदक के दोनों पुत्र अपने माता-पिता से अलग रहते हैं। बड़ा पुत्र गौरझामर में पंडिताई करता है। उसकी दो एकड़ जमीन एवं दो मंजिल का पक्का मकान है। उसके पुत्र भी शासकीय नौकरी में हैं। छोटा पुत्र केंद्रीय विश्वविद्यालय में सेवारत है एवं उसके पुत्र भी शासकीय सेवा में हैं।
अतः उपरोक्त परिस्थितियों के मदृदेनजर संतोष एवं रद्युनदंन अपने पिता हरगोविंद तिवारी एवं मां सुशीला को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 (2007 का 56) में धारा 6 की उपधारा 5 में संशोधित अधिसूचना के तहत 1500-1500 रूपए प्रत्येक माह दें।
Category: सागर समाचार
.






